अपना अभी का पता कैसे जानें
फ़ोन GPS से अपनी पोज़िशन जानता है, लेकिन नतीजा सिर्फ़ दो संख्याएँ होती हैं: अक्षांश और देशांतर। यह पेज इन संख्याओं को मैप की सड़कों और इमारतों से मिलाकर ऐसा पता दिखाता है, जिसे आसानी से पढ़ा, कॉपी या भेजा जा सके।
- “मेरी सटीक लोकेशन दिखाएँ” पर टैप करें और लोकेशन की अनुमति दें।
- कुछ सेकंड में पूरा पता एक लाइन में दिख जाएगा।
- मैसेज या फ़ॉर्म में पेस्ट करने के लिए “कॉपी करें” इस्तेमाल करें, या मैप के साथ भेजने के लिए “WhatsApp पर भेजें”।
मैप पर किसी दूसरी जगह का पता देखें
मैप पर दिख रही किसी जगह (सामने वाला घर, कोई प्लॉट, जहाँ आपने गाड़ी खड़ी की) का पता जानना है? मैप को ज़ूम करें और उस पॉइंट पर टैप करें। पेज उस जगह की सड़क, मकान नंबर (अगर दर्ज हो), इलाका और पिन कोड दिखाएगा। आप सर्च बॉक्स में जगह का नाम लिखकर सीधे वहाँ भी जा सकते हैं।
भारत में पता लिखने का तरीका
| हिस्सा | उदाहरण |
|---|---|
| मकान या फ़्लैट नंबर, इमारत | फ़्लैट 204, साईं अपार्टमेंट |
| सड़क या गली | स्टेशन रोड |
| इलाका या मोहल्ला | सिविल लाइंस |
| लैंडमार्क | सिटी हॉस्पिटल के पास |
| शहर और जिला | प्रयागराज |
| राज्य और पिन कोड | उत्तर प्रदेश 211001 |
लैंडमार्क, फ़्लैट नंबर और मंज़िल आमतौर पर मैप पर दर्ज नहीं होते। पूरा पता देते समय इन्हें खुद जोड़ें: भारत में डिलीवरी और कैब के लिए एक अच्छा लैंडमार्क अक्सर मकान नंबर से ज़्यादा काम आता है।
पता कब गलत हो सकता है
- कम सटीकता। अगर फ़र्क़ 30 से 40 मीटर से ज़्यादा है, तो पॉइंट बगल की गली या सड़क पर पड़ सकता है। “सटीकता” वाली संख्या देखें और खिड़की के पास या बाहर जाकर लोकेशन अपडेट करें।
- बड़ी इमारतें और चौराहे। मॉल, अस्पताल या चौराहे पर मुख्य पते की जगह सबसे पास वाले गेट का पता दिख सकता है।
- मैप पर बिना नंबर वाली सड़कें। सिर्फ़ सड़क और इलाके का नाम दिखेगा, मकान नंबर नहीं।
- गलियाँ और गाँव की सड़कें। हो सकता है सिर्फ़ गाँव, तहसील और जिला दिखे। ऐसे में अक्षांश और देशांतर ज़्यादा काम आते हैं।
अपना अभी का पता जानना किन कामों में आता है
- किसी अनजान इलाके में हों, तो कैब ड्राइवर, डिलीवरी पार्टनर या रिश्तेदारों को बताना कि कहाँ आना है।
- इमरजेंसी सेवाओं को सड़क, इलाका और शहर का नाम बताना।
- फ़ॉर्म में सही इलाका, जिला और पिन कोड भरना।
- पता देने से पहले यह देखना कि आपका घर या दुकान मैप पर कैसे दर्ज है।
अगर किसी को आप तक पहुँचना है, तो सबसे आसान तरीका है लिंक से लोकेशन शेयर करना: उन्हें बस मैप खोलकर रास्ता शुरू करना होगा, कुछ टाइप नहीं करना पड़ेगा।
पते के बारे में आम सवाल
अपना अभी का पूरा पता कैसे पता करें?
“मेरी सटीक लोकेशन दिखाएँ” पर टैप करें और लोकेशन की अनुमति दें। पेज आपकी GPS पोज़िशन को पते में बदल देगा: सड़क, मकान नंबर (अगर उपलब्ध हो), इलाका, शहर, जिला और पिन कोड।
मैं अभी किस सड़क पर हूँ?
सटीक लोकेशन मिलने पर सड़क का नाम नतीजे की पहली लाइन में और “सड़क और मकान नंबर” वाली पंक्ति में दिखता है। चौराहे या खुले मैदान में आपके पॉइंट से सबसे पास वाली सड़क दिखती है।
मकान नंबर क्यों नहीं दिख रहा?
मकान नंबर OpenStreetMap से आते हैं, और भारत में ज़्यादातर सड़कों के मकान नंबर अभी दर्ज नहीं हैं। ऐसे में हम सड़क और इलाके का नाम दिखाते हैं। सही पॉइंट बताने के लिए लोकेशन का लिंक या कोऑर्डिनेट्स शेयर करें।
पता हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में क्यों दिखता है?
पता OpenStreetMap से आता है। जहाँ किसी शहर, राज्य या इलाके का हिंदी नाम दर्ज है, वहाँ हम उसे दिखाते हैं। ज़्यादातर सड़कों के नाम सिर्फ़ अंग्रेज़ी में दर्ज होते हैं, इसलिए वे अंग्रेज़ी में दिखते हैं।
क्या यह पता सरकारी कामों में इस्तेमाल हो सकता है?
नहीं। यह पता रास्ता बताने, कैब बुक करने या पार्सल मँगाने के लिए भरोसेमंद है। सरकारी कामों के लिए वही पता लिखें, जो आपके आधार कार्ड या दूसरे दस्तावेज़ों में दर्ज है, क्योंकि आधिकारिक पता मैप से अलग हो सकता है।
जहाँ सड़क का नाम न हो, वहाँ अपनी जगह कैसे बताएँ?
लिस्ट में दिए गए कोऑर्डिनेट्स या Plus Code इस्तेमाल करें। सभी मैप ऐप इन्हें पहचानते हैं और ठीक उसी पॉइंट तक ले जाते हैं, भले ही वहाँ कोई पता न हो।